श्राद्ध और महत्वपूर्ण दिनों की जानकारी
प्रमुख रस्में
- चौथा / उठावना (Chautha): दाह संस्कार के बाद तीसरे या चौथे दिन होने वाली रस्म, जब अस्थियां एकत्र की जाती हैं।
- तेरहवीं (Terahvin): निधन के 13वें दिन होने वाला सबसे महत्वपूर्ण संस्कार। इसे शोक अवधि का अंत माना जाता है।
- बरसी (Barsi): निधन के ठीक एक वर्ष बाद आने वाली पहली पुण्यतिथि।
49 दिनों का महत्व (बौद्ध परंपरा)
बौद्ध धर्म में, मृत्यु के बाद 49 दिनों की अवधि (अन्तराभव) को आत्मा की अगली यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान हर 7वें दिन प्रार्थनाएं की जाती हैं ताकि दिवंगत आत्मा को शांति और सद्गति प्राप्त हो सके।
यह कैलकुलेटर दोनों परंपराओं (हिंदू और बौद्ध) की प्रमुख तिथियों की गणना करने में आपकी सहायता करता है।