यह किसी के भी साथ हो सकता है। आज के समय में वॉयस फिशिंग केवल एक साधारण धोखाधड़ी नहीं है। अपराधी अब डीपफेक, संदिग्ध ऐप्स और मनोवैज्ञानिक युक्तियों का उपयोग करके लोगों को निशाना बना रहे हैं। यदि आपको लगता है कि आप किसी धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं, तो सबसे पहले गहरी सांस लें और शांत रहें। आपकी घबराहट अपराधियों को आपके खाते से पैसे निकालने का समय देती है।
यह इमरजेंसी गाइड भारतीय राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। अपनी संपत्ति की सुरक्षा के लिए इन चरणों का तुरंत पालन करें।
चरण 1: वित्तीय खाते और कार्ड फ्रीज करें (तत्काल कार्रवाई)
अपराधियों को पैसे निकालने से रोकना आपकी पहली प्राथमिकता है। धोखाधड़ी के बाद के 30 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, जिन्हें 'गोल्डन ऑवर' कहा जाता है।
कहां कॉल करें?
-
📞
साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930): यह भारत सरकार की राष्ट्रीय हेल्पलाइन है। तुरंत इस नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करें।
-
🏛️
आपका बैंक: अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके सभी कार्ड और नेट बैंकिंग सुविधाओं को ब्लॉक करने के लिए कहें।
-
📱
UPI ऐप्स: यदि आपने Google Pay, PhonePe या Paytm का उपयोग किया है, तो उनके हेल्प सेक्शन में जाकर ट्रांजैक्शन की रिपोर्ट करें।
RBI के नियमों के अनुसार, यदि आप 3 दिनों के भीतर अनधिकृत लेनदेन की रिपोर्ट करते हैं, तो आपकी देयता सीमित हो सकती है। इसलिए समय पर सूचना देना अनिवार्य है।
चरण 2: साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें
धोखाधड़ी के मामले में केवल बैंक को सूचना देना पर्याप्त नहीं है। आपको आधिकारिक रूप से पुलिस और साइबर सेल को सूचित करना होगा।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना
भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें। यहां आपको घटना का विवरण, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन आईडी प्रदान करनी होगी।
साक्ष्य सुरक्षित रखें: अपराधियों के कॉल रिकॉर्ड, संदेश और कोई भी लिंक जो उन्होंने साझा किया हो, उसे डिलीट न करें। यह जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य होते हैं।
पहचान की चोरी से बचाव
यदि आपने आधार कार्ड या पैन कार्ड की जानकारी साझा की है, तो क्रेडिट ब्यूरो (जैसे CIBIL या Experian) के पास जाकर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके नाम पर कोई नया ऋण नहीं लिया गया है।
चरण 3: स्मार्टफोन की सुरक्षा और संदिग्ध ऐप्स हटाना
अक्सर अपराधी आपको "KYC अपडेट" या "सहायता" के नाम पर रिमोट एक्सेस ऐप्स जैसे AnyDesk, TeamViewer या QuickSupport इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं। यदि ये ऐप आपके फोन में हैं, तो अपराधी आपके फोन को पूरी तरह नियंत्रित कर सकते हैं।
"धोखेबाज अक्सर बैंक अधिकारी बनकर बात करते हैं और आपकी स्क्रीन देखने के लिए ऐप्स डाउनलोड करवाते हैं। याद रखें, कोई भी बैंक कभी भी ऐसा नहीं कहेगा।"
अपने फोन को सुरक्षित करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
-
1
इंटरनेट बंद करें: तुरंत अपना मोबाइल डेटा और वाई-फाई बंद कर दें ताकि रिमोट कनेक्शन कट जाए।
-
2
संदिग्ध ऐप्स अनइंस्टॉल करें: उन सभी ऐप्स को हटा दें जिन्हें आपने धोखेबाज के कहने पर डाउनलोड किया था।
-
3
पासवर्ड बदलें: एक सुरक्षित डिवाइस का उपयोग करके अपने ईमेल और बैंकिंग पासवर्ड बदलें।
चरण 4: औपचारिक शिकायत और FIR दर्ज करना
ऑनलाइन शिकायत के बाद, अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन के 'साइबर सेल' में जाएं। अपनी ऑनलाइन शिकायत की प्रति साथ ले जाएं। पुलिस आपको एक साक्षी पावती (Acknowledgment) देगी, जिसकी आवश्यकता आपको बैंक में धन वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए होगी।
बैंक में जाकर एक लिखित पत्र दें जिसमें स्पष्ट हो कि आपने धोखाधड़ी की रिपोर्ट 1930 और पुलिस को कर दी है। यह आपके मामले को मजबूत बनाता है।
चरण 5: भविष्य में धोखाधड़ी से बचने के उपाय
अपराधी अक्सर उन लोगों को दोबारा निशाना बनाते हैं जिनकी जानकारी पहले से उनके पास होती है। अपनी सुरक्षा के लिए निम्नलिखित आदतें अपनाएं:
UPI पिन की सुरक्षा
पिन केवल पैसे भेजने के लिए होता है, प्राप्त करने के लिए नहीं। यदि कोई पैसे भेजने के लिए पिन मांगता है, तो वह धोखाधड़ी है।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
बिजली बिल, बैंक केवाईसी या लकी ड्रा से संबंधित संदेशों में दिए गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
अनजान नंबरों से सावधान
सरकारी अधिकारी या बैंक कर्मचारी कभी भी व्हाट्सएप या साधारण कॉल पर आपकी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगेंगे।
2-स्टेप ऑथेंटिकेशन
अपने सभी ईमेल और सोशल मीडिया खातों पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।
निष्कर्ष: खुद को दोष न दें
धोखाधड़ी के शिकार होने के बाद लोग अक्सर खुद को अपराधी महसूस करते हैं या शर्मिंदा होते हैं। लेकिन याद रखें, ये अपराधी मनोवैज्ञानिक रूप से लोगों को फंसाने के विशेषज्ञ होते हैं। वे आपके डर या जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं।
महत्वपूर्ण यह है कि आपने सक्रिय रूप से कदम उठाए हैं। यदि आपने उपरोक्त सभी चरणों का पालन किया है, तो आपने अपनी संपत्ति को बचाने की पूरी कोशिश की है। सतर्क रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
FreeImgFix.com आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।