रियल एस्टेट ज्ञान पढ़ने का समय: 25 मिनट

प्रॉपर्टी धोखाधड़ी रोकने का पहला कदम: टाइटल डीड और एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट का संपूर्ण विश्लेषण

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सुरक्षित घर संपादक

21 दिसंबर, 2025 को प्रकाशित

प्रॉपर्टी दस्तावेज और चाबियां

हाल के दिनों में रियल एस्टेट धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए जानकारी होना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। भारत में किसी भी प्रॉपर्टी लेनदेन का मुख्य दस्तावेज सेल डीड (Sale Deed) और एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (EC) होता है। ये दस्तावेज प्रॉपर्टी की 'कुंडली' की तरह होते हैं। हालांकि, कानूनी शब्दावली के कारण कई लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। आज हम विस्तार से जानेंगे कि टाइटल डीड, मदर डीड और एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट को कैसे पढ़ें और धोखाधड़ी के संकेतों को कैसे पहचानें।

1. टाइटल डीड और एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट क्या है?

टाइटल डीड एक कानूनी दस्तावेज है जो यह साबित करता है कि प्रॉपर्टी का असली मालिक कौन है। एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (EC) या भार प्रमाण पत्र यह दर्शाता है कि प्रॉपर्टी पर कोई बकाया ऋण (Loan) या कानूनी विवाद तो नहीं है। भारत में, आप अपने राज्य के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (SRO) या डिजिटल इंडिया पोर्टल्स के माध्यम से इन्हें सत्यापित कर सकते हैं। याद रखें: बयाना देने से पहले, पंजीकरण से पहले और कब्जा लेने के बाद, दस्तावेजों की कम से कम 3 बार जांच जरूर करें।

"रियल एस्टेट लेनदेन का आधार 'विश्वास' नहीं बल्कि 'सत्यापन' है। केवल बिल्डर या ब्रोकर द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों पर भरोसा न करें, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड से स्वयं पुष्टि करें।"

2. प्रॉपर्टी का विवरण: स्थान और सीमाओं की पहचान

दस्तावेजों में प्रॉपर्टी का भौतिक विवरण सबसे महत्वपूर्ण होता है। यहाँ आपको 'सर्वे नंबर' (Survey Number) और 'सीमाओं' (Boundaries) की जांच करनी चाहिए।

यदि आप फ्लैट खरीद रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि फ्लैट नंबर और फ्लोर सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सही है। कभी-कभी कृषि भूमि (Agricultural Land) पर अवैध रूप से बनी कॉलोनियों को आवासीय बताकर बेच दिया जाता है। ऐसी स्थिति में भविष्य में बिजली कनेक्शन या बैंक लोन मिलने में समस्या हो सकती है। इसलिए स्थानीय नगरपालिका या विकास प्राधिकरण (जैसे DDA, BDA) के रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि करें।

3. मालिकाना हक: टाइटल की कमान किसके पास है?

यह हिस्सा यह बताता है कि 'संपत्ति का वास्तविक स्वामी कौन है'। मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जो व्यक्ति प्रॉपर्टी बेच रहा है, उसके पास इसे बेचने का कानूनी अधिकार है।

विक्रेता का सत्यापन

विक्रेता की पहचान सेल डीड में दर्ज अंतिम मालिक से मिलनी चाहिए। यदि प्रॉपर्टी 'पावर ऑफ अटॉर्नी' (POA) के माध्यम से बेची जा रही है, तो सुनिश्चित करें कि POA पंजीकृत (Registered) है और अभी भी प्रभावी है। इसके अलावा, सभी भुगतान सीधे पंजीकृत मालिक के बैंक खाते में ही करें, किसी तीसरे पक्ष या ब्रोकर को न दें।

दस्तावेज पर हस्ताक्षर

शीर्षक (Title) की श्रृंखला की जांच करना किसी भी सौदे की बुनियादी शर्त है।

दस्तावेजों में चेतावनी के संकेत

  • कुर्की या कानूनी नोटिस: यदि मालिक ने कर या ऋण नहीं चुकाया है, तो संपत्ति को कोर्ट द्वारा कुर्क किया जा सकता है। ऐसे में सौदा कभी न करें।
  • अपूर्ण मदर डीड: यदि पिछले 30 वर्षों के मालिकाना हक की श्रृंखला (Chain of Title) अधूरी है, तो भविष्य में मालिकाना हक को लेकर विवाद हो सकता है।
  • अविभाजित हिस्सा (UDS): अपार्टमेंट के मामले में, सुनिश्चित करें कि जमीन में आपके अविभाजित हिस्से का स्पष्ट उल्लेख है।
  • कर बकाया: प्रॉपर्टी टैक्स या बिजली बिलों का पुराना बकाया यह दर्शाता है कि मालिक की आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है।

4. एनकम्ब्रन्स: ऋण की सीमा और सुरक्षा का आकलन

एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट मुख्य रूप से 'पैसा और देनदारी' से संबंधित जानकारी देता है।

बंधक और बकाया ऋण

सबसे आम समस्या संपत्ति का गिरवी होना है। यदि मालिक ने बैंक से लोन लिया है, तो प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज बैंक के पास होंगे। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि मालिक बैंक का पूरा पैसा चुकाकर 'क्लोजर सर्टिफिकेट' (NOC) प्राप्त करे। (कुल ऋण + अन्य देयताएं) यदि संपत्ति के मूल्य के 70-80% से अधिक है, तो यह एक उच्च जोखिम वाला सौदा हो सकता है।

वित्तीय विश्लेषण

संपत्ति के ऋण और मूल्य के अनुपात की गणना करना आपकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।

5. प्रॉपर्टी धोखाधड़ी रोकने की 5-बिंदु चेकलिस्ट

दस्तावेजों के सत्यापन के साथ इन नियमों का पालन करें:

  • 🔍
    RERA पंजीकरण की जांच: नए प्रोजेक्ट्स के लिए, हमेशा RERA (Real Estate Regulatory Authority) की वेबसाइट पर बिल्डर और प्रोजेक्ट का पंजीकरण चेक करें। बिना RERA नंबर वाले प्रोजेक्ट में निवेश न करें।
  • 📄
    पंजीकरण की पुष्टि: स्थानीय सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर स्वयं 'इंडेक्स सर्च' (Index Search) करें ताकि यह पता चल सके कि प्रॉपर्टी हाल ही में किसी और को तो नहीं बेची गई।
  • ⚖️
    कानूनी राय लें: हमेशा एक अनुभवी वकील से टाइटल सर्च रिपोर्ट (TSR) तैयार करवाएं। यह छोटा सा खर्च आपको लाखों के नुकसान से बचा सकता है।
  • 💰
    नकद लेनदेन से बचें: सभी भुगतान बैंकिंग चैनलों (NEFT, RTGS, Cheque) के माध्यम से करें। रसीद मांगना न भूलें।
  • 🏢
    मौके पर जाकर जांच: केवल कागजों पर भरोसा न करें। पड़ोसियों से बात करें और पता लगाएं कि संपत्ति पर किसी का कोई पुराना दावा तो नहीं है।

दस्तावेज सत्यापन के सुझाव

जब भी आप एनकम्ब्रन्स सर्टिफिकेट (EC) लें, तो पिछले 30 वर्षों का रिकॉर्ड मांगें। केवल 5 या 10 वर्षों के रिकॉर्ड में पुराने मुकदमे या पारिवारिक विवाद छिप सकते हैं। इसके अलावा, नामांतरण (Mutation) रिकॉर्ड की भी जांच करें जो सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम दर्ज होना सुनिश्चित करता है।

निष्कर्ष: ज्ञान ही आपकी असली सुरक्षा है

प्रॉपर्टी के दस्तावेजों को समझने का कौशल आपको 95% से अधिक रियल एस्टेट धोखाधड़ी से बचा सकता है। कानूनी शब्दों से घबराएं नहीं। आपका पैसा आपकी कड़ी मेहनत का परिणाम है, और इसे सुरक्षित रखना आपकी अपनी जिम्मेदारी है। सरकारी रिकॉर्ड और विशेषज्ञों की सलाह पर भरोसा करें, न कि केवल लुभावने विज्ञापनों पर।

FreeImgFix आपकी सुरक्षित संपत्ति और सुखद भविष्य की कामना करता है।